सोलर ऊर्जा अपने बढ़ते हुए कदमों के साथ जा पहुंचा है सुल्तान गांव में जहां 100 मेगावाट की बिजली के उत्पादन के लिए एक नया सोलर प्लांट लगाने की कार्यशैली शुरू कर दी गई है।

इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए जिला प्रशासन ने कुल 200 एकड़ भूमि अंकित कर ली है। यह एक बहुत ही लाभकारी योजना है। इस योजना में शनिवार को 25 किसानों ने एम प्लस सोलर कंपनी के पक्ष में 354 माह के लिए 30 एकड़ ज़मीन का एग्रीमेंट के तौर पर एक बड़ा योगदान दिया है। हाल-फिलहाल में चल रहे किसानों की परेशानी में यह एक वरदान साबित होगा।

जिला सांसद ने एम प्लस कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया है। जिला के विकास को गंभीरता से लेते हुए सांसद ने डीएम को पत्र लिखा। डीएम किशोर ने भी जिला के विकास में पूर्णतः भाग लेते हुए सोलर प्लांट की स्थापना कार्यशैली राजस्व अधिकारियों को सौंप दी है।

हर शहर, हर गांव में एक व्यक्ति ऐसा होता है मानों कोई बढ़ा बुजुर्ग जिन्हें जिले की सारी जानकारी रहती है। सुल्तान गांव की प्रगति में यह भूमिका दिनेश राव ने निभाई है जिनकी पहल पर कई किसान अपना योगदान देने के लिए तैयार हो गए हैं। रामसेवक राम जो विघुत निगम में उच्च पद पर हैं , उन्होंने बताया कि जिले में चार लाख तिरासी हज़ार बिजली उपभोक्ता हैं। 502 मेगावाट बिजली की प्रतिमाह खपत है।

ख़बर अनुसार पूर्वांचल का दूसरा सोलर प्लांट देवरिया में स्थापित किया जाऐगा। बदलते वक्त में  साथ- साथ यह सोलर प्लांट बहुत सारी ज़िन्दगीयों में बदलाव लाने में यह एक बहुत बड़ा एवं महत्वपूर्ण योगदान देगा क्योंकि इस सोलर प्लांट से उपलब्ध बिजली का उपयोग शहर से लगे आस-पास के गांव भी कर सकेंगे। बिजली की बढ़ती खपत में प्रस्तावित 100 मेगावाट सौर सोलर प्लांट आपूर्ति  में  अपना योगदान देगा। इस कोरोना काल में गिरते हुए व्यवसाय एवं रोज़गार दर में इस सोलर प्लांट की स्थापना किसी वरदान से कम नहीं है। यह अपने वातावरण के साथ-साथ उघोगपति, किसानों और लाखों लोगों की ज़िन्दगी खुशियों के उजाले से भर देगा।

स्रोत :- अमर उजाला