आज के समय में लगभग हर घरों में पॉवर बैकअप के लिए इन्वर्टर बैटरी रहता है पर Frequent Power Cut के कारण बैटरी चार्ज नहीं हो पाता है। लोग की कोशिश रहती है कि उनकी बैटरी दिन के समय में चार्ज हो और रात के समय में पंखा, लाइट, टीवी और फ्रिज चला सके।

आज के समय में बिजली हमारे जीवन का बहुत ही महत्पूर्ण हिस्सा हो गया है। बिना बिजली के कुछ भी सोचना नामुमकिन सा लगता है। पानी के मोटर, मोबाइल चार्ज, पंखा, लैपटॉप, लाइट इत्यादि तमाम इलेक्ट्रोनिक सामान हो या फिर कोई अन्य उपकरण, चलाना मुश्किल है। बिजली की जरुरत घर, ऑफिस, स्कूल, हॉस्पिटल, होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप इत्यादि हर जगह है, लेकिन जब असमान्य मौसम या फिर कहें गर्मी और बारिश के समय में बिजली की समस्या अक्सर देखी जाती है। शहरों में 3-4 घंटे, जबकि गांवों में 9-10 घंटे की पावर कट (Power Cut) हो जाती है।

ऐसे में गर्मी और उमश के कारण बिना पंखा में रहना बहुत ही मुश्किल होता है, खासकर रात के समय में। इसलिए इस समस्या से निजात पाने के लिए पॉवर बैकअप की व्यवस्था की गई। आज के समय में लगभग हर घरों में पॉवर बैकअप के लिए इन्वर्टर बैटरी रहता है पर Frequent Power Cut के कारण बैटरी चार्ज नहीं हो पाता है। लोग की कोशिश रहती है कि उनकी बैटरी दिन के समय में चार्ज हो और रात के समय में पंखा, लाइट, टीवी और फ्रिज चला सके।

कितने किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाना होगा?

आज के समय में बिजली हमारे जीवन का बहुत ही महत्पूर्ण हिस्सा हो गया है। बिना बिजली के कुछ भी सोचना नामुमकिन सा लगता है। पानी के मोटर, मोबाइल चार्ज, पंखा, लैपटॉप, लाइट इत्यादि तमाम इलेक्ट्रोनिक सामान हो या फिर कोई अन्य उपकरण, चलाना मुश्किल है। बिजली की जरुरत घर, ऑफिस, स्कूल, हॉस्पिटल, होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप इत्यादि हर जगह है, लेकिन जब असमान्य मौसम या फिर कहें गर्मी और बारिश के समय में बिजली की समस्या अक्सर देखी जाती है। शहरों में 3-4 घंटे, जबकि गांवों में 9-10 घंटे की पावर कट (Power Cut) हो जाती है।

आज के समय में किसी भी घर में पंखा, लाइट, टीवी, फ्रिज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और वाटर पंप होना जरुरी है जिसकी कुल पॉवर कंजम्पशन एक साथ लगभग 3000 वाट की होती है। लेकिन लोग पंखा, लाइट, टीवी और फ्रिज एक साथ ही चलाते है जिसकी कुल पॉवर कंजम्पशन लगभग 300 से 400 वाट की होती है।

घरों में रात के समय में 3 पंखा और 1 फ्रिज चलाने की अवश्कता होती है। यदि 1 kW सोलर पैनल (Solar Panel) कोई अपने घर में लगाते है तो वो अपने घर में पानी के मोटर छोड़कर पंखा, लाइट, टीवी, फ्रिज, इत्यादि चला सकते है और यदि ग्राहक इन्वर्टर AC और वाटर पंप चलाना चाहते है तो उनको कम से कम 3 kW सोलर पैनल लगाना पड़ेगा।

कितने घंटे की बैकअप मिलेगा?

यदि कोई ग्राहक 1 kW सोलर सिस्टम का चयन करते है तो उसके साथ 1 किलोवाट ऑवर की लिथियम बैटरी आती है। यानि कि घर के पानी के मोटर को छोड़कर पंखा, लाइट, टीवी दिन और रात बिना बिजली के चला सकते है। पॉवर बैकअप टेबल दिया गया है जिससे आप आसानी से समझ सकते है:

Home Load100W300W500W1000W
Backup Time10 Hours.3.15 Hours2 Hours1 Hour

सोलर सिस्टम का इंस्टॉलेशन कैसे होगा?

सोलर सिस्टम में सोलर पैनल, पैनल स्टैंड, सोलर वायर, सोलर कनेक्टर, इन्वर्टर और बैटरी उपकरण आता है जिसका इंस्टॉलेशन लूम सोलर के इंजीनियर से किया जाता है।

सोलर सिस्टम लगाने का खर्च कितना आयेगा?

1 किलो वाट सोलर सिस्टम लगाने का खर्च लगभग 1 लाख रुपये तक आता है लेकिन एक समय में ये रकम बहुत बड़ी है। आज के समय में मोबाइल फोने, गाड़ी, घर, टीवी, फ्रिज लोग EMI और Loan पर खरीदते है जिसमे किश्तों में पैसा जमा करता है। इसी तरह सोलर सिस्टम भी EMI और Loan पर उपलब्ध है। यदि 1 किलोवाट का सोलर सिस्टम emi खरीदना चाहते है उनको मात्र 7000 जमा करके वो अपने घर सोलर लगवा सकते है। इसके लिए ग्राहक के पास Credit Card और Bajaj Card होना चाहिए।

कहां से मिलेगा?

इंडिया की रूफटॉप सोलर कंपनी, लूम सोलर जहां से सोलर सिस्टम की पूरी जानकारी www.loomsolar.com से घर बैठे जान सकते है. यदि सोलर सिस्टम लगाने से पहले सोलर सिस्टम की Personal Experience लोकल शॉप पर जाकर ले सकते है।