नई दिल्ली, 8 दिसम्बर 2020, मंगलवार: देश के हर राज्य में कम से कम एक सोलर सिटी बनाई जाएगी।  प्रधानमंत्री नारेन्द्र मोदी ने यह इच्छा जाहिर की है। उनकी इच्छा पर नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने सभी राज्यों से कम से कम एक सोलर सिटी विक्सित करने की गुज़ारिश की है।  वह शहर उस राज्य की राजधानी या कोई अन्य पर्यटक शहर हो सकता है। सोलर सिटी घोषित करने के लिए उस शहर की जरुरत की पूरी बिजली का उत्पादन नवीन व नवीकरणीय माध्यम से होना चाहिए। उस माध्यम में सोलर के अलावा अन्य स्रोत भी हो सकते हैं। 

सोलर सिटी में ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी की शहर में जरुरत से अधिक बिजली का उत्पादन होने पर उसे ग्रिड के माध्यम से बेच दिया जायेगा। इसी तरह अगर किसी दिन उत्पादन कम हुआ तो ग्रिड के माध्यम से बिजली की कमी पूरी कर दी जाएगी। एमएनआरई के मुताबिक 12 राज्यों ने सोलर सिटी बनाने के लिए शहर का चयन कर लिया है। उस शहर की सभी स्ट्रीट लाइट सोलर पैनल से जुडी होंगी। साथ ही यातायात के लिए इ रिक्शा भी उपलब्ध होंगे। 

सात वर्ष पहले भी एमएनआरई ने सोलर सिटी की परिकल्पना की थी और कई शहरों को सोलर सिटी बनाने के लिए वहां के स्थानीय निकायों के साथ मिलकर प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयारी कर ली गयी थी।  लेकिन उस दिशा में कोई खास सफलता नहीं मिली। 

नयी व्यवस्था में छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए मकान मालिक कोई खर्च नहीं करना होगा। इस व्यवस्था के मुताबिक शहर की बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) सोलर पैनल लगाने वाली कंपनियों को अपने यहाँ सूचीबद्ध करेंगी। अगर कोई मकान मालिक छत पर सोलर पैनल लगवाना चाहता है तो वह सूचीबद्ध कंपनी में से किसी एक को चुन सकता है। कंपनी अपने खर्च पर मकान मालिक की छत पर सोलर पैनल लगाएगी और बदले में उसे केंद्र सरकार से सब्सिडी मिलेगी।  सोलर पैनल लगाने में इस सब्सिडी के अलावा कंपनी जो खर्च करेगी उसकी भरपायी डिस्कॉम द्वारा उपभोक्ता से लिए जाने वाले शुल्क से की जाएगी। 

सोलर में बिज़नेस स्टार्ट करें के लिए आपको जरुरत है किसी सोलर कंपनी के साथ जुड़कर काम करने के लिए. सोलर इंडस्ट्री में आप सोलर डीलर, डिस्ट्रीब्यूटर, इंस्टालर बनाकर काम आज से ही स्टार्ट कर सकते है।

स्रोत: दैनिक जागरण, मंगलवार 8 दिसम्बर 2020